ग्राहक से बातचीत और काम करने का सही तरीका | Grahak Se Batcheet Aur Kaam Ka Tarika

ईमित्र संचालक: ग्राहक से बातचीत और काम करने का सही तरीका

ईमित्र की सफलता का सबसे बड़ा आधार है ग्राहकों के साथ सही व्यवहार और उनकी समस्याओं का समाधान। आइए विस्तार से समझते हैं कि एक ईमित्र संचालक को ग्राहकों से किस प्रकार से बातचीत करनी चाहिए और काम कैसे करना चाहिए।

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ग्राहक से बातचीत के चरण:

1. ग्राहकों की समस्या को समझें:

  • जब कोई ग्राहक आए, सबसे पहले सवाल पूछें:
    • "आपको क्या काम है?"
  • ग्राहक जो भी समस्या या सेवा बताए, ध्यानपूर्वक सुनें।

2. सही जानकारी दें:

  • यदि काम संभव हो:
    • कहें: "आपका काम हो जाएगा। कृपया आवश्यक दस्तावेज लेकर आएं।"
  • यदि काम संभव न हो:
    • कहें: "मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यदि आप चाहें तो मैं पता करके बता सकता हूं। आप अपना मोबाइल नंबर दें।"
    • अन्य सेवाओं की सूची दिखाएं ताकि भविष्य में ग्राहक फिर से आपकी दुकान पर आए।

3. दस्तावेजों की जानकारी दें:

  • ग्राहक को आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची दें।
  • उदाहरण: मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि।

4. प्रोसेस का पालन करें:

  • यदि दस्तावेज सही हैं, तो
    • ऑफलाइन फॉर्म भरें और दस्तावेज लगाएं।
    • ग्राहक से हस्ताक्षर करवाएं।
    • फॉर्म को ऑनलाइन अपलोड करें।
  • यदि कोई त्रुटि है, तो ग्राहक को सही दस्तावेज लाने के लिए कहें।

5. रसीद और एंट्री:

  • आवेदन पूरा करने के बाद:
    • रसीद ग्राहक को दें।
    • उपभोक्ता सेवा पुस्तिका में एंट्री करें।
    • काम के लिए तुरंत भुगतान लें।
    • ध्यान दें: उधारी न रखें।

6. काम की स्थिति की जानकारी दें:

  • जैसे ही प्रमाण पत्र या दस्तावेज तैयार हो जाएं, ग्राहक को सूचित करें।
  • ग्राहक जब आए, उसे प्रमाण पत्र दें और दोबारा उपभोक्ता सेवा पुस्तिका में हस्ताक्षर करवाएं।
  • प्रिंट और सेवा के पैसे तुरंत लें।

उदाहरण: मूल निवास प्रमाण पत्र

बातचीत का तरीका:

  1. ईमित्र संचालक: आपको क्या काम है?
  2. ग्राहक: मुझे मूल निवास बनवाना है।
  3. ईमित्र संचालक: इसके लिए आपको ये दस्तावेज लाने होंगे।
  4. ग्राहक: दस्तावेज लेकर आएगा।
  5. ईमित्र संचालक:
    • ऑफलाइन फॉर्म भरें।
    • सभी दस्तावेज लगाएं।
    • ग्राहक को साइन करवाने के लिए फॉर्म दें।
  6. ग्राहक: साइन करवा कर फॉर्म वापस देगा।
  7. ईमित्र संचालक:
    • फॉर्म ऑनलाइन करें।
    • रसीद दें।
    • उपभोक्ता सेवा पुस्तिका में एंट्री करें।
    • पैसे लें।
  8. ग्राहक: रसीद लेकर घर चला जाएगा।
  9. प्रमाण पत्र तैयार होने पर ग्राहक को सूचित करें।
  10. ग्राहक प्रमाण पत्र लेने आए, तो उसे दें और पैसे लें।

निष्कर्ष:

ईमित्र संचालक का व्यवहार और सेवा की गुणवत्ता ही ग्राहक को वापस लाने में मदद करती है।

  • ईमानदारी और शालीनता से बात करें।
  • प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाएं।
  • समय पर काम पूरा करें।

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